हर साल 31 अक्टूबर को भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे देश की एकता और अखंडता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। सरदार पटेल, जिन्हें ‘लौह पुरुष’ के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे और उन्होंने देश की विभाजन के बाद की एकीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर पहुंचकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह मूर्ति न केवल सरदार पटेल की विरासत का प्रतीक है, बल्कि यह देश की एकता और अखंडता का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने यहां पर उपस्थित जनसमूह से एकता और भाईचारे का संदेश देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को एकता के लिए प्रयासरत रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम सभी मिलकर अपने राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता को बनाए रखें।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सरदार पटेल के दृष्टिकोण और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि पटेल ने न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि उन्होंने देश को एकजुट करने में भी अपनी अद्वितीय क्षमता का परिचय दिया। उनकी नीतियों और निर्णयों ने भारत को एक मजबूत और एकजुट राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आज के समय में हमें सरदार पटेल की शिक्षाओं को अपनाते हुए अपने समाज में एकता और सामंजस्य को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि हमें हर परिस्थिति में एकजुट रहना चाहिए, चाहे वो सामाजिक हो, राजनीतिक हो या सांस्कृतिक। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यही है कि हम सभी एक साथ मिलकर अपने देश की तरक्की के लिए काम करें और किसी भी प्रकार की विभाजनकारी ताकतों का सामना करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थित लोगों से शपथ दिलाई कि वे सत्य और निष्ठा के साथ राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए समर्पित रहेंगे। इस प्रकार, उन्होंने एक प्रेरणादायक संदेश दिया कि जब हम एकजुट होते हैं, तब हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
इस दिन को मनाने का महत्व केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमारे लिए एक अवसर है कि हम सरदार पटेल की विचारधारा को अपनाएं और अपने व्यक्तिगत तथा सामुदायिक जीवन में एकता और सहिष्णुता को बढ़ावा दें।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर हमें यह याद रखना चाहिए कि एकता ही हमारी ताकत है। आज का दिन हमें प्रेरित करता है कि हम सभी एकजुट होकर अपने देश की विकास यात्रा में योगदान दें और किसी भी प्रकार की विभाजनकारी प्रवृत्तियों का विरोध करें। यह दिन हमें अपने देश की एकता को मजबूत करने का संकल्प दिलाने का अवसर प्रदान करता है।

