NDA की नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर क्या समीकरण बन रहे हैं?

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डिप्टी सीएम की कुर्सी: बिहार में ‘डबल डेकर’ फॉर्मूला तय? बीजेपी से सम्राट चौधरी और एक राजपूत चेहरा प्रबल दावेदार!

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नई सरकार के गठन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 20 नवंबर को होने वाले संभावित शपथ ग्रहण से पहले, सबसे अधिक अटकलें उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) के पदों को लेकर लगाई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार भी दो उपमुख्यमंत्रियों का फॉर्मूला बरकरार रख सकती है, जिसमें जातीय संतुलन साधने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

डबल डिप्टी सीएम का फॉर्मूला

चूंकि इस बार NDA की जीत में BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसलिए उपमुख्यमंत्री के दोनों पद BJP के ही खाते में जाने की संभावना प्रबल है। पार्टी नेतृत्व दो प्रमुख समीकरणों को साधने की कोशिश में है:

  1. अति पिछड़ा वर्ग (EBC) का प्रतिनिधित्व: बिहार में बड़ी आबादी वाले अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को साधने के लिए एक डिप्टी सीएम इस वर्ग से होगा।

  2. सवर्ण संतुलन: दूसरा डिप्टी सीएम का पद सवर्ण जाति (राजपूत, भूमिहार या ब्राह्मण) को दिया जा सकता है, जो बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक है।

EBC चेहरे के तौर पर सम्राट चौधरी सबसे आगे

EBC वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है।

  • मजबूत दावेदारी: OBC (कुर्मी/कोईरी) वर्ग से आने वाले सम्राट चौधरी ने अपने आक्रामक तेवर और प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

  • राजनीतिक अनुभव: पिछली नीतीश सरकार में भी वह मंत्री रह चुके हैं, और उनका सियासी अनुभव उन्हें इस पद का प्रबल दावेदार बनाता है।

सवर्ण प्रतिनिधित्व की दौड़

दूसरे डिप्टी सीएम के पद के लिए सवर्ण वर्ग के कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें राजपूत चेहरे को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।

  • विजय सिन्हा: पिछली सरकार में डिप्टी सीएम रहे विजय सिन्हा (भूमिहार) का नाम भी दौड़ में है, लेकिन उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना भी है। हालांकि, सिन्हा के नाम पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है।

  • नितिन नवीन: बीजेपी के युवा और अनुभवी नेता नितिन नवीन (कायस्थ) भी उपमुख्यमंत्री पद की रेस में हैं। पिछली सरकार में भी उन्होंने मंत्री के तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया था।

विधानसभा अध्यक्ष का समीकरण

उपमुख्यमंत्री पद के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष के पद को लेकर भी खींचतान जारी है, जो संभवतः बीजेपी के ही खाते में जाएगा।

  • प्रेम कुमार: गयाजी से नौ बार के विधायक प्रेम कुमार को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है। उनके अनुभव और दलित समुदाय से आने के कारण उनका नाम मजबूत माना जा रहा है।

  • भूमिहार/राजपूत चेहरा: अगर विजय सिन्हा को डिप्टी सीएम नहीं बनाया जाता है, तो उन्हें दोबारा विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है।

BJP का केंद्रीय नेतृत्व, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह शामिल हैं, अंतिम निर्णय लेगा। 19 नवंबर को होने वाली NDA विधायक दल की बैठक में ही सभी नामों पर मुहर लगने की संभावना है। यह स्पष्ट है कि BJP इस बार नेतृत्व में अपने सबसे शक्तिशाली चेहरों को आगे लाकर बिहार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।


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