बिहार सीएम रेस: 19 नवंबर को NDA विधायक दल की बैठक, 20 को 10वीं बार शपथ लेंगे नीतीश!
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की प्रचंड जीत के बाद अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। हालांकि, सियासी गलियारों में चल रही तेज चर्चाओं को विराम देते हुए शपथ ग्रहण की तारीख लगभग तय हो गई है, और संकेत साफ हैं कि अनुभवी नेता नीतीश कुमार ही नेतृत्व करेंगे।
19 नवंबर को सियासी हलचल
राजधानी पटना में सियासी बयार तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्यपाल को सूचित किया कि वर्तमान विधानसभा को 19 नवंबर को भंग कर दिया जाएगा। इसी दिन वह औपचारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा भी सौंपेंगे।
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विधायक दल की बैठक: बुधवार, 19 नवंबर को ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नवनिर्वाचित विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
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नेता का चुनाव: इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) सहित NDA के सभी घटक दल सर्वसम्मति से अपने नेता का चुनाव करेंगे।
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औपचारिकता: हालांकि, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल सहित शीर्ष नेताओं ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश कुमार ही अगले मुख्यमंत्री होंगे। 19 नवंबर की बैठक सिर्फ उन्हें औपचारिक रूप से नेता चुनने की औपचारिकता पूरी करेगी।
20 नवंबर को भव्य शपथ ग्रहण
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बिहार की नई NDA सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को आयोजित होने की प्रबल संभावना है।
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ऐतिहासिक क्षण: नीतीश कुमार इस शपथ ग्रहण के साथ 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया राजनीतिक इतिहास रच सकते हैं।
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गांधी मैदान में तैयारी: शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद गांधी मैदान पहुंचे थे।
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शीर्ष नेताओं का जुटान: इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा और NDA शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर विराम
चुनाव परिणाम आने के बाद, NDA की जीत में बीजेपी का प्रदर्शन JDU से बेहतर रहने के कारण, मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं गर्म थीं। कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है।
हालांकि, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए गठबंधन धर्म का पालन करने का संकेत दिया है। 19 नवंबर की बैठक और 20 नवंबर के संभावित शपथ ग्रहण से यह स्पष्ट हो गया है कि NDA ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर ही भरोसा जताया है ताकि राज्य में प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे।

