जीत की झप्पी’: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेटे निशांत के साथ साझा किया NDA की शानदार जीत का भावुक पल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिली 202 सीटों की प्रचंड जीत के बाद राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर उत्साह का माहौल है। इस ऐतिहासिक जीत के बीच, एक बेहद व्यक्तिगत और भावुक पल ने सबका ध्यान खींचा, जब मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार ने अपने पिता को गले लगाकर जीत की बधाई दी।
पिता-पुत्र का प्रेम भरा क्षण
चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद, मुख्यमंत्री आवास पर समर्थकों और नेताओं का तांता लगा हुआ था। इसी दौरान, राजनीतिक चकाचौंध से दूर रहने वाले निशांत कुमार अपने पिता से मिलने पहुंचे। दोनों ने लगभग एक ही रंग के कपड़े पहन रखे थे—नीतीश कुमार सफेद कुर्ता-पायजामा और नीले रंग की हाफ जैकेट में थे, जबकि निशांत ने सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ नीले रंग का हाईनेक स्वेटर पहना हुआ था।
जब निशांत कुमार ने अपने पिता को गले लगाकर जीत की ‘झप्पी’ दी, तो लंबे सियासी सफर के बाद मिली सफलता की खुशी मुख्यमंत्री के चेहरे पर स्पष्ट दिखाई दी। नीतीश कुमार ने अपने बेटे के प्रेम को स्वीकार करते हुए गर्मजोशी से मुस्कुराकर जवाब दिया। यह क्षण राजनीति की गहमागहमी के बीच भी पारिवारिक बॉन्डिंग और खुशी के साझा करने को दर्शाता है।
निशांत कुमार की पहली प्रतिक्रिया: ‘उम्मीद से बेहतर’
NDA की शानदार जीत के बाद, निशांत कुमार ने मीडिया के सामने आकर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस जीत का पूरा श्रेय बिहार की जनता को दिया।
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जनता का आभार: निशांत ने कहा, “मैं बिहार की जनता का NDA को इतनी बड़ी जीत दिलाने के लिए शुक्रिया अदा करता हूँ। हमारी सरकार बनने जा रही है। लोगों का बहुत-बहुत आभार। हमें जीत की उम्मीद तो थी, लेकिन नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर आए।”
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20 साल के काम का इनाम: उन्होंने इस जीत को अपने पिता के 20 साल के शासनकाल में किए गए विकास कार्यों का परिणाम बताया। निशांत ने कहा, “सारा श्रेय जनता को जाता है। उन्होंने मेरे पिता के 20 साल के काम का इनाम दिया है।”
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विकास पर कायम विश्वास: उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नीतीश कुमार जनता के इस भरोसे को कायम रखेंगे। “मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे पिता इस विश्वास को कायम रखेंगे और विकास की प्रक्रिया को लगातार जारी रखेंगे।”
राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले पुत्र
यह उल्लेखनीय है कि निशांत कुमार हमेशा से ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं। हालांकि, चुनाव से पहले उन्हें राजनीति में लाने की अटकलें चली थीं, लेकिन उन्होंने खुद को इन सबसे अलग रखा। उनका यह सार्वजनिक प्रदर्शन जीत की खुशी को साझा करने और पिता के प्रति समर्थन व्यक्त करने तक ही सीमित था, जिसने दर्शाया कि वह पर्दे के पीछे से अपने पिता के प्रयासों का सम्मान करते हैं।
अब जबकि 19 नवंबर को NDA विधायक दल की बैठक होनी है और 20 नवंबर को नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है, पिता और पुत्र के बीच जीत के इस भावुक पल ने इस पूरे चुनावी संघर्ष के मानवीय पक्ष को उजागर कर दिया।

