हाल ही में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में मेरे छोटे-से प्रयासों को मान्यता देते हुए मुझे ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ (DLitt) की मानद उपाधि प्रदान की। यह सम्मान मेरे लिए न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि हिंदी साहित्य के प्रति मेरे समर्पण और प्रेम का एक प्रतीक भी है। इस अवसर पर मैंने जो विचार व्यक्त किए, उनमें मैं ईश्वर की कृपा, अपने पूर्वजों के आशीर्वाद और मेरे समस्त स्वजनों की शुभकामनाओं का आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने मेरे इस यात्रा में मेरा साथ दिया और मुझे प्रेरित किया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जो एक शताब्दी से भी अधिक समय से ज्ञान के प्रकाश का स्रोत बना हुआ है, ने मुझे इस प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया है। यह सम्मान न केवल मेरी व्यक्तिगत यात्रा का मील का पत्थर है, बल्कि यह हिंदी साहित्य और संस्कृति के प्रति मेरी निष्ठा का भी प्रतीक है। मैंने हमेशा यही माना है कि हिंदी साहित्य वह अमूल्य धरोहर है, जो हमारी पहचान और संस्कृति का गहरा प्रतीक है। यह वही साहित्य है, जिसने हमें न केवल भाषायी दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण से भी समृद्ध किया है।
यह सम्मान मेरे लिए एक शाबाशी नहीं, बल्कि उन सभी काव्य प्रेमियों और हिंदी प्रेमियों का सम्मान है, जिन्होंने हिंदी भाषा और साहित्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाया और इसे जीवन में उतारा। ‘कोई दीवाना कहता है’ जैसे गीतों के माध्यम से जो सार्थक संदेश हिंदी भाषा ने दिया, वह मेरी प्रेरणा का मुख्य स्रोत रहा है। हिंदी कविता और साहित्य ने न केवल मेरे दिल को छुआ है, बल्कि यह मेरी सोच और जीवन की दिशा को भी आकार दिया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा यह सम्मान प्राप्त करने का अवसर मुझे अत्यधिक गर्वित करता है। यह सम्मान मेरे द्वारा किए गए साहित्यिक प्रयासों की छोटी सी झलक है, लेकिन इसके साथ ही यह मेरे गुरुओं, सहकर्मियों और परिवार के आशीर्वाद का भी प्रतीक है। इस सम्मान के साथ मुझे यह अहसास होता है कि हम जितना भी प्रयास करते हैं, हमारी सफलता और मान्यता उन सभी की दुआओं पर निर्भर करती है, जो हमारी यात्रा में साथ होते हैं। मैं इस उपाधि को सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए मानता हूं जिन्होंने मुझे हमेशा प्रेरित किया और मेरे प्रयासों को सही दिशा दी।
यह उपाधि मेरे लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। मुझे यकीन है कि यह सम्मान मुझे और भी अधिक प्रेरित करेगा, ताकि मैं हिंदी साहित्य को और ऊंचाइयों तक ले जा सकूं और भविष्य में और भी उत्कृष्ट कार्य कर सकूं। यह उपाधि मुझे एक नए दृष्टिकोण और जिम्मेदारी के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है, ताकि मैं समाज और संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों को और अच्छे तरीके से निभा सकूं।
अंत में, मैं इस सम्मान को ईश्वर की कृपा, अपने परिवार के आशीर्वाद और मेरे सभी मित्रों तथा पाठकों की शुभकामनाओं का परिणाम मानता हूं।

