भारत सरकार द्वारा सिनेमा के महानायक धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित करने की घोषणा
नई दिल्ली | 25 जनवरी, 2026
भारत सरकार ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कारों की घोषणा की है। इस वर्ष भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘ही-मैन’ के नाम से विख्यात धर्मेंद्र सिंह देओल को कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके असाधारण और अतुलनीय योगदान के लिए मरणोपरांत ‘पद्य विभूषण’ से सम्मानित किया गया है।
सात दशकों की अभिनय साधना का सम्मान धर्मेंद्र सिंह देओल का फिल्मी सफर भारतीय सिनेमा के स्वर्ण काल का प्रतिनिधित्व करता है। छह दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। ‘शोले’, ‘सत्यकाम’, ‘चुपके-चुपके’, ‘धर्म वीर’ और ‘प्रतिज्ञा’ जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से उन्होंने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि अभिनय के प्रतिमान भी स्थापित किए।
बहुमुखी प्रतिभा और वैश्विक पहचान समिति ने धर्मेंद्र जी की उस बहुमुखी प्रतिभा को रेखांकित किया है, जिसके कारण उन्होंने एक्शन, रोमांस और कॉमेडी—तीनों ही विधाओं में समान रूप से सफलता प्राप्त की। उन्हें दुनिया के सबसे सुंदर पुरुषों की सूची में स्थान मिलना और ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा सम्मानित होना, उनकी वैश्विक पहुँच का प्रमाण है। यह पद्म विभूषण सम्मान उनके उस अटूट समर्पण और रचनात्मक ऊर्जा के प्रति राष्ट्र का कृतज्ञ भाव है, जिसने भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया।
विरासत और योगदान सिनेमा के प्रति उनके जुनून ने न केवल आने वाली पीढ़ियों के अभिनेताओं को प्रेरित किया, बल्कि उन्होंने ‘गरम-धर्म’ और ‘ही-मैन’ के रूप में भारतीय जनमानस की चेतना में एक अमिट छाप छोड़ी। उनकी कला के प्रति साधना और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व उन्हें एक सच्चा ‘लोक कलाकार’ बनाता है।
पुरस्कार वितरण समारोह मरणोपरांत प्रदान किया जाने वाला यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान, आगामी महीनों में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान धर्मेंद्र सिंह देओल के परिवार के सदस्यों द्वारा ग्रहण किया जाएगा।

