मैथिली ठाकुर को नहीं मिला टिकट, बेनीपट्टी से एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरेंगे भाजपा नेता विनोद नारायण झा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि लोकप्रिय लोकगायिका मैथिली ठाकुर को पार्टी बेनीपट्टी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है। सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर थी और जनता के एक बड़े वर्ग, खासकर युवाओं में इस संभावना को लेकर उत्साह था। हालांकि, इन तमाम अटकलों को विराम देते हुए भाजपा ने एक बार फिर से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता विनोद नारायण झा को बेनीपट्टी से उम्मीदवार घोषित किया है।
मैथिली ठाकुर, जिन्होंने पारंपरिक लोकसंगीत के माध्यम से देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है, हाल ही में भाजपा में शामिल हुई थीं। पार्टी में उनके शामिल होने को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे भाजपा की एक रणनीतिक चाल बताया था—एक ऐसा चेहरा जो युवा, संस्कृति और क्षेत्रीय अस्मिता का प्रतिनिधित्व करता है। यही वजह थी कि उनकी उम्मीदवारी को लेकर संभावना प्रबल मानी जा रही थी।
लेकिन अंतिम समय पर पार्टी ने अनुभव और संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता देते हुए विनोद नारायण झा को टिकट देकर यह संदेश दिया है कि वे चुनावी जीत के लिए सटीक गणित और ज़मीनी पकड़ पर भरोसा कर रहे हैं। झा न केवल मिथिलांचल की राजनीति में एक मजबूत नाम हैं, बल्कि वे राज्य के जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं। वे कई बार विधायक रह चुके हैं और भाजपा के समर्पित व अनुशासित सिपाही के रूप में जाने जाते हैं।
बेनीपट्टी क्षेत्र में विनोद नारायण झा की अच्छी पकड़ रही है। वे स्थानीय मुद्दों से भलीभांति परिचित हैं और जनता के साथ उनका जुड़ाव वर्षों पुराना है। यही कारण है कि पार्टी ने एक बार फिर उन पर विश्वास जताया है।
हालांकि, मैथिली ठाकुर को टिकट न मिलने से उनके समर्थकों में थोड़ी निराशा जरूर देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों द्वारा यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि जब वे पार्टी में एक बड़े चेहरे के रूप में जोड़ी गई थीं, तो उन्हें चुनाव मैदान में मौका क्यों नहीं दिया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी ने मैथिली ठाकुर को भविष्य के लिए तैयार करने की रणनीति बनाई है। संभव है कि उन्हें किसी और भूमिका में जल्द ही सक्रिय राजनीति में उतारा जाए, या फिर वे पार्टी के प्रचार अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं।
फिलहाल, बेनीपट्टी सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विनोद नारायण झा के सामने महागठबंधन किसे खड़ा करता है, यह देखना बाकी है। लेकिन भाजपा की ओर से एक बार फिर झा को मौका देकर यह संकेत जरूर दिया गया है कि पार्टी फिलहाल अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखना चाहती है।

