जैसलमेर से जोधपुर जा रही बस में आग लगने से 10-12 यात्रियों की मौत, थईयात गांव के पास भयंकर हादसा

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जैसलमेर से जोधपुर जा रही बस में आग लगने से 10-12 यात्रियों की मौत, थईयात गांव के पास भयंकर हादसा

राजस्थान के जैसलमेर जिले से जोधपुर जा रही एक निजी बस मंगलवार दोपहर थईयात गांव के पास अचानक आग की चपेट में आ गई। यह हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ जब बस के पिछले हिस्से से धुआं निकलना शुरू हुआ, जो कुछ ही पलों में तेज़ आग में तब्दील हो गया। बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए बस से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। लेकिन भारी भीड़ और अचानक लगी आग के कारण स्थिति अत्यंत भयावह हो गई।

जैसलमेर के फायर ऑफिसर ने बताया कि बस में लगी आग इतनी तीव्र थी कि 10 से 12 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। फायर ब्रिगेड टीम को सूचना मिलने के तुरंत 10 मिनट बाद ही आग बुझाने के लिए रवाना किया गया, लेकिन जब तक वे घटनास्थल पहुंचे, तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। फायर ऑफिसर ने कहा, “कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे हम जिंदा निकाल पाते।”

घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों की संख्या 10 से 12 बताई जा रही है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बस के इंजन या इलेक्ट्रिकल वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने की संभावना है, जिससे आग लगी हो। हालांकि, इस बात की पुष्टि अगली जांच के बाद ही हो पाएगी। स्थानीय लोग इस सड़क मार्ग पर चलने वाली बसों की खराब स्थिति की बात करते आए हैं, और इस हादसे ने उनके इस आरोप को और मजबूती दी है कि बसों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव ठीक से नहीं होता।

यह हादसा एक बार फिर से राज्य में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। यात्री सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों और उनका पालन आवश्यक है। खासकर निजी बस ऑपरेटरों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपनी बसों की समय-समय पर जांच करवाएं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

इस घटना पर मुख्यमंत्री और राज्य सरकार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है और कहा कि इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को कठोर से कठोर दंड दिया जाएगा। सरकार ने हादसे के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को बचाव कार्य में पूरी तत्परता दिखाने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय प्रशासन भी दुर्घटना की जांच में जुटा हुआ है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों। साथ ही, राज्य के सभी मार्गों पर चलने वाली बसों की सुरक्षा जांच तेज़ कर दी गई है।

यह दुखद हादसा न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक बड़ा सदमा है। ऐसे हादसे हमें याद दिलाते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार कितना जरूरी है। यात्रियों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना सरकार और परिवहन विभाग की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस भयानक हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस हादसे से जुड़ी और जानकारी सामने आएगी, लेकिन अभी के लिए प्राथमिकता बचाव कार्य और मृतकों के परिवारों को उचित सहायता प्रदान करना है।


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